"घर बनाने को घर छोड़ जाना पड़ा" - कवि सोनू पाल, उन्नाव

 

अमर लेख अंतर्राष्ट्रीय मंच इटावा के तत्वावधान में लोकमाता अहिल्या बाई होलकर की ३००वीं जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन रायबरेली के बछरावांँ शहर में वरिष्ठ साहित्यकार दादा पहुँची लाल "विषधर" की अध्यक्षता में धूमधाम से मनाया गया। देश के नामी गिरामी शहरों से आए हुए कवियों ने खूब तालियांँ बटोरीं, श्रोताओं ने सभी कवियों को जम कर सुना और ठहाके भी लगाये। कार्यक्रम का आयोजन सतीश दादा बछरावांँ के द्वारा किया गया सभी कवियों को आमंत्रित और कार्यक्रम को संयोजित करने का दायित्व उन्नाव के चर्चित कवि सोनू पाल ने किया। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन रायबरेली के चर्चित कवि अमर पाल ’अमर’ ने किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडवोकेट प्रमोद चौधरी बछरावांँ, कार्यक्रम संरक्षक पुष्कर पाल ने माँ सरस्वती एवं लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा का दीप प्रज्ज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

संस्था (अमर लेख अंतर्राष्ट्रीय मंच इटावा) के संस्थापक व प्रसिद्ध साहित्यकार रवि पाल ’ख़ामोश’ इटावा उत्तर प्रदेश के द्वारा चलाये जा रहे अभियान में संस्था द्वारा आयोजित काव्य उत्सव की श्रृंखला का द्वितीय काव्य उत्सव सफल रहा संस्था की सचिव डॉ० संगीता पाल व संस्था के अध्यक्ष डॉ राम प्रकाश ’पथिक’ ने मंच से समाज के उत्थान के लिये बढ़ाए जाने वाले कदमों के बिंदुओं पर प्रकाश डाला। संस्था के कोषाध्यक्ष कवि अमर पाल उन्नाव ने अपनी प्रसिद्ध अवधी कविता - लरिकउना पप्पू क्यार भला,पढ़ी श्रोताओं द्वारा खूब सराही गई।मथुरा से रूपेश धनगर ने प्रथम कवि के रूप में तुम कुवांरी रहो हम कुंवारे रहे पढ़ा। फिरोजाबाद से सरोज सौदामिनी ने "चारों धाम हैं अपने" सवैया पढ़ी रायबरेली के ओज कवि अंकित अंकुल और दिल्ली के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ अशोक पाल "आशू" ने ओज पूर्ण रचना पढ़ी। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी के सम्मान में बल्लभगढ़ हरियाणा से पधारे ओज के कवि पुनीत पांचाल ने,, माँ अहिल्या बाई होलकर केप पुनीत कार्यों सहित जीवन गाथा का सजीव चित्रण कर खूब वाहवाही बटोरी। कवि अर्जेंट सिंह पाल, कवि शेष राम पाल, कवि रविशंकर यादव, कवयित्री सुशीला धनगर बलिया, एवं संस्था की सचिव डॉ० संगीता पाल कच्छ गुजरात, संचालन कर रहे अमर पाल "अमर" , श्रेष्ठ व्यंग्य कार रामनरेश पाल लखनऊ, अध्यक्षता कर रहे विषधर जी ने श्रेष्ठ रचनाएंँ पढ़कर समाज को सोचने पर मजबूर किया। संस्था के संस्थापक रवि पाल "खामोश" इटावा ने "शिवाजी हूँ मैं राणा हूँ कन्हाई हूँ मैं भारत का, पढ़कर पूरे पांडाल को राष्ट्र मय कर दिया। कार्यक्रम का आभार श्री प्रमोद चौधरी बछरावांँ एवं पुष्कर पाल एवं सतीश पाल ने जताया और पुनः कार्यक्रम आयोजित कराने का वादा भी किया।

May be an image of 4 people, flute, temple and text that says "相牌网 "लक्ष्य प्राप्ति ही ख अंतर्राष्ट्रीय लक्ष्य हमारा" मंच इटावा, उ.प्र. ल्या बाई होलकर की 30 यंती की पूर्व संध्या पुर आयोजित अरिवल विसा स वि :30 मई 2025 दिन शुक्र पसिनी फिलिंग स्टेशन 7बजेसे बजे से मुब्यजलिे 西 मुख्यअतिथे HAFEEZ बाबांली हबोकेटप्रंचवरीा्ी डवोकेट प्रमीद चाौधरी कविश्रीर्त SIRA बछरा्वा"

All reactions:

3Shepherd Nand Kishore Dhangar and 2 others


 

पाल वर्ल्ड टाइम्स की खबरों को शेयर करें और सोशल मीडिया पर भी फॉलो करना न भूलें।