प्रशिक्षण वर्ग संपन्न सर्व समाज सेवा संस्थान के तत्वावधान में


विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी सर्व समाज सेवा संस्थान के तत्वावधान में दिनांक 21.5.2023 रविवार को सायं 7 बजे से 26.5.2023 शुक्रवार को सायं 6.00 बजे तक प्रांतीय वार्षिक कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग छत्रपति शाहूजी महाराज कृषि महाविद्यालय नरैना खेरा अगरहुंडा-रैपुरा कर्वी चित्रकूट में संपन्न हुआ जिसमें मुख्य रूप से झांसी, बलरामपुर, प्रतापगढ़, महाराजगंज, चित्रकूट, बांदा, लखनऊ, वाराणसी,सतना आदि जनपदों के कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण वर्ग में राष्ट्रीय सेवा प्रमुख श्री एस आर कुशवाहा जी ने ध्वज वंदना - ध्वज संकल्प का अभ्यास व अनुशासन की प्रतिबद्धता से प्रशिक्षार्थियों को ओतप्रोत किया वहीं पर ज्ञान जी - सर्व सेवा प्रमुख द्वारा मिशन के बहुउद्देशीय मूल्यों यथा विचारधारा, बिभिन्न संगठनात्मक बिन्दुओं व विषयों पर त्याग व सेवा भाव से सामाजिक कार्यों व प्रकल्पों को मनोयोग से करने हेतु अभिप्रेरित किया। श्री हरिशंकर सिंह जी ने ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक खाद व कीट नियंत्रक दवा से लहलहाती फसलें तैयार करने के तौरतरीकों पर प्रकाश डालते हुए 50-50 किसानों का क्लस्टर बनाने पर बल देते हुए जैविक खाद,कीट नियंत्रक जैविक दवा बनाने के लिए प्लांट लगाने व इनके विक्रय एवं 100 प्रतिशत रसायनिक खादों से मुक्त  प्राकृतिक तरीके से उत्पादित खाद्यान्न के विक्रय हेतु मार्केटिंग की ब्यावस्था तैयार करने आदि पर प्रकाश डालते हुए इस तरह की कार्यशालायें सभी जिलों एवं आदर्श गांवों में आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इं आर बी सिंह जी द्वारा डा.भीम राव अंबेडकर, पूर्व प्रधानमंत्री मंत्री चौधरी चरन सिंह, सरदार बल्लभ भाई पटेल आदि द्वारा किसानों के कल्याण हेतु किए गए कार्यों व राष्ट्रीय मूल्यों को स्थापित करने हेतु किए गए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दुर्भाग्य है कि अब तक जितनी भी सरकारें आईं सभी ने संविधान की उद्देशिका पर कार्य किया ही नहीं। आरक्षण की विषमताओं को नजरंदाज करते हुए केवल उच्च वर्गों को ही लाभ पहुंचाने का यत्न किया गया। इं  भीम राज ने साइमन कमीशन, पूना पैक्ट, गोलमेज कान्फ्रेंस एवं आरक्षण जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हुए कमजोर वर्गो के मध्य सेवा कार्यों को प्रमुखता से आगे बढ़ाने हेतु इनकी जानकारी होना अति आवश्यक बताया।
            प्रशिक्षण वर्ग के अंतिम  दिन 26 मई 2023 को प्रातः लगभग  7.00 बजे से  8.30 बजे तक उपरोक्त महाविद्यालय से राष्ट्रीय प्रेरक गीत " वह जीवन भी क्या जीवन है जो काम देश के आ न सके। वह चंदन भी क्या चंदन है, जो अपना वन महका न सके।। जिसकी धरती पर जन्म लिया, जिसके समीर से सांस चली। जिसके अमृत सम नीर पिया, जिसकी माटी में देह पली।।
वह क्या सपूत, जो जन्म भूमि के प्रति कर्तव्य निभा न सका।
वह जीवन भी क्या जीवन है, जो काम देश के आ न सके।। ---------- गाते हुए अपने अपने हाथों में कर्म की ध्वनि शब्दों से भी ऊंची होती है। मानवता-इंसानियत सभी धर्मों का सार है,अस्तु सभी धर्मों का सम्मान करो सम्मान करो। छुआछूत यदि पाप नहीं तो कुछ भी पाप नहीं। महामानव कभी मरते नहीं, हमेशा अपने कर्मों में जिंदा रहते हैं। अपने लिए नहीं,अपनों के लिए हूं, अपने वे हैं,जो पीड़ित हैं। किसान डरे क्यों,वह अन्नदाता है,दूसरों की लात क्यों खाये। क्रोध मनुष्य को सद्कर्म से भटका देता है। अहंकार पतन को जन्म देता है। आदि अंकित तख्तियां लेकर माईक की आवाज में अंत्योदय मार्च प्रारंभ कर थाना व कस्बा रैपुरा के मुख्य मार्गों से होता हुआ लगभग 5 - 6 किलोमीटर की दूरी तय करता हुआ वापस महाविद्यालय आकर संपन्न हुआ।
           इसके बाद सायं  5.30 बजे से 7.00 बजे तक परिवार समन्वय बौद्धिक समारोह श्री महेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में ध्वज वंदना से सुभारंभ करके प्रशिक्षण के कार्यक्रमों का संक्षिप्त प्रदर्शन  महाविद्यालय कैंपस में संपन्न हुआ जिसमें मुख्य अतिथि श्री नाथूराम सिंह पूर्व डी एफ ओ ने उपस्थित महानुभावों को संबोधित करते हुए कहा कि ब्यक्ति निर्माण की जो इस संगठन की अवधारणा है,वह बहुत अच्छी है, क्योंकि एक-एक ब्यक्ति के निर्माण से ही पूरे समाज एवं देश की तरक्की की जा सकती है क्योंकि इसमें सिस्टम है जिसको हर जिले में चलाया जा रहा है,जो सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह जी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में मुख्य रूप से मिशन के अन्त्योदय व आदर्श गांवों की कार्य योजना की तारीफ करते हुए भविष्य में संगठन के और आगे बढ़ने की शुभ कामनाएं देते हुए तन, मन, धन से सहयोग करने की प्रतिबद्धता ब्यक्त की। इसके बाद गुप्त दान परंपरा का निर्वहन करते हुए  सभी प्रतिभागियों द्वारा ध्वज के समक्ष दाहिना हाथ बढ़ाकर सामूहिक रूप से संकल्प लिया गया।

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