भूल सुधार
कर्नाटक मंे समाज के चार महत्वपूर्ण महास्तंभ जगतगुरू महास्वामी श्रीश्रीश्री कनकागुरू पीठ निरंजनानंद पुरी जी, श्रीश्रीश्री जगतगुरू महास्वामी ईश्वरानंद पुरी जी, श्रीश्रीश्री जगतगुरू महास्वामी सिद्धारमन्दा जी, श्रीश्रीश्री जगतगुरू महास्वामी डा. शिवानन्दा पुरी जी।
कर्नाटक मंे सामाजिक एकजुटता और जागरूकता के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।
ऐसे महास्वामीओं को बारंबार नमन करते हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि आप सभी के
दर्शनों का लाभ हमें कर्नाटक के भ्रमण के दौरान मिला।
जय हो हमारे स्वामीजियों की जय हो
- शेफर्ड नंद किशोर धनगर
गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।
गुरू और गोबिंद (भगवान) एक साथ खड़े हों तो किसे प्रणाम करना चाहिए। गुरू को अथवा गोबिन्द को? ऐसी स्थिति में गुरू के श्रीचरणों में शीश झुकाना उत्तम है जिनके कृपा रूपी प्रसाद से गोविन्द का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
भूल सुधार
कनकागुरू पीठ के पीठाधीश
जगतगुरू महास्वामी श्री श्री श्री निरंजनानंद पुरीजी
भवदीयः प्रदीपजी पाल
Pradeep ji Pal
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